सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

ऋषिकेश - भक्ति और रोमांच की नगरी

 ऋषिकेश

 

एक ऐसी जगह जिसे किसी परिचय की ज़रूरत नहीं है। सालों से देश-दुनिया भर के लोगों को आपनी तरफ़ आकर्षित करती हुई योग, ध्यान और भक्ति की नगरी। ऋषिकेश में हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ है, बस ज़रूरत है वहाँ जाकर उसे महसूस करने की। 

शिव की जटाओं से निकली पावन पूज्यनीय गंगा किनारे बैठ कर योग, ध्यान करने के लिऐ एक सुन्दर स्थान। भक्तिभाव में डूबे  लोगों के लिए गंगा किनारे बने हुए सूंदर और भव्य मंदिर (शत्रुघ्न मंदिर, लक्ष्मण मंदिर ) अपनी तरफ आकर्षित करते है। 

ऋषिकेश को छोटी चारधाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री) की यात्रा का दरवाज़ा कहा जाता है, वहीं दूसरी तरफ साहसिक और पर्यटन स्थल (Adventure and tourists destinations) का दरवाज़ा भी कहा  जाता है, जहाँ आप चोपता, औली, हर्षिल, केदार कंठ, हर की दून जैसी अनेक अद्भुद जगहों का आनंद ले सकते हैं । 

River rafting, zip line, bungee jumping, flying fox, camping जैसी रोमांचक गतिविधियों (activities) का एक जगह होना ऋषिकेश की ख़ासियत है, जो सबको अपनी तरफ चुम्बक की तरह खींचती है। जंगल सफ़ारी के शौक़ीन राजाजी नैशनल पार्क में सफ़ारी का आनंद ले सकते हैं, जो ऋषिकेश से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

 

सिर्फ ऋषिकेश ही क्यों ?

ज़िंदगी की भागदौड़ से कुछ पल सुकून के चाहिए तो ऋषिकेश एक अच्छी और कम खर्च वाली जगह है, जहाँ आसानी से पंहुचा जा सकता है। 2 से 3 दिन में ऋषिकेश को आप अच्छे से घूम सकते हैं। अगर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के आदी नहीं है तो आप किराये पर मोटर साइकिल, स्कूटी इत्यादि  से भी ऋषिकेश घूमने का आनंद ले सकते हैं 

 

कैसे जाएँ

रेल मार्ग

ऋषिकेश रेलवे स्टेशन हरिद्वार, देहरादून से जुड़ा होने के साथ ही नई दिल्ली से भी जुड़ चुका है।  आप भारत के किसी भी कोने से दिल्ली-देहरादून होते हुए ऋषिकेश पहुँच सकते हैं।

हवाई मार्ग 

देहरादून हवाई अड्डा 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप किसी अन्य देश से यात्रा कर रहे है तो केवल देहरादून, चंडीगढ़ या दिल्ली ही उतरे और यहाँ से आगे कार,टेक्सी, रेल से सकते हैं।

सड़क मार्ग

सड़क के ज़रिये ऋषिकेश दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े बड़े राज्यों से सीधा पहुँचा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 58 के द्वारा ऋषिकेश आसानी से पहुँचा जा सकता है। 

 

समय

मॉनसून को छोड़कर कभी भी मौसम अपनी सुविधा अनुसार जा सकते हैं। मॉनसून मे भारी बारिश के कारण ऋषिकेश थोड़ा जोखिम भरा हो सकता हैं इसीलिए मॉनसून के महीने में जाने से बचें।

 

देखने के स्थल

1. नीलकंठ महादेव मंदिर



2. लक्ष्मण झूला



3. राम झूला



4. नीर झरना



5. त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती




6. शिवानंद आश्रम
7. परमार्थ निकेतन आश्रम
8. कुंजापुरी देवी मंदिर
9. बीटल्स आश्रम (चौरासी कुटिया)

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बजट में इंडिया से दुबई यात्रा – सस्ती और शानदार ट्रिप की पूरी जानकारी

दुबई! एक ऐसा शहर जो हर घुमक्कड़ के दिल में बसता है। ऊंची-ऊंची इमारतें, सुनहरी रेगिस्तान, चमचमाते मॉल, और शानदार नाइटलाइफ – दुबई किसी सपनों के शहर से कम नहीं। लेकिन क्या आपको लगता है कि दुबई घूमना सिर्फ अमीरों के बस की बात है? अगर हां, तो ये ब्लॉग पढ़ने के बाद आपकी ये सोच बदल जाएगी! बजट में इंडिया से दुबई  इस ब्लॉग में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे आप कम बजट में इंडिया से दुबई घूमने का सपना पूरा कर सकते हैं। फ्लाइट टिकट से लेकर घूमने की जगहों तक, हर चीज़ की प्लानिंग इस तरह करेंगे कि जेब पर भारी न पड़े और मजा भी दोगुना हो जाए! 1. इंडिया से दुबई जाने का सबसे सस्ता तरीका 🚀 फ्लाइट बुकिंग – सही समय पर टिकट लो और बचत करो! दुबई के लिए सबसे सस्ता तरीका हवाई जहाज ही है। अगर आप सही प्लानिंग करें, तो ₹10,000 से ₹15,000 में भी आपको इंडिया से दुबई का रिटर्न टिकट मिल सकता है। सस्ती एयरलाइंस: • Air India Express • IndiGo • FlyDubai • GoAir सस्ते टिकट कैसे पाएं? • पहले से बुकिंग करें – कम से कम 2-3 महीने पहले टिकट बुक करें। • मंगलवार और बुधवार को टिकट देखें – इन दिनों फ्लाइट टिकट सस्ती होती हैं। • स्का...

मातरम - पूर्वी इंडोनेशिया में अद्भुत समुद्र तटों के लिए एक सिटी गेट

मातरम पश्चिम नुसा तेंगारा प्रांत की राजधानी है। मातरम शहर को न केवल सरकारी केंद्र के रूप में उपयोग किया जाता है, बल्कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जाता है। मातरम तक पहुंचना आसान है क्योंकि आप वहां जाने के लिए हवाई जहाज या जहाज ले सकते हैं। मताराम के लिए मार्ग खोलने वाली एयरलाइनें गरुड़ और मेरपाटी हैं। चूंकि, मातरम लोम्बोक के बहुत करीब है, आप लोम्बोक से मातरम भी जा सकते हैं। मातरम के अधिकांश निवासी सासक लोग हैं। कई पर्यटन स्थल हैं जो आपको माताराम में मिल सकते हैं। वे मयूरा गार्डन, एनटीबी संग्रहालय, सेकेरबेला, सयांग-सियांग, और कई अन्य हैं। मयुरा गार्डन एक वाटरपार्क है जिसे 1744 में राजा लोम्बोक अनक अगुंग नगुराह करंग आसम ने बनवाया था। इस स्थान पर, आप इसकी वास्तुकला में हिंदू और इस्लाम के प्रभाव और बगीचे में पाए जाने वाली मूर्तियों को देख सकते हैं। इसके अलावा, NTB संग्रहालय एक संग्रहालय है जो पणजी टिलर अम्पेनन स्ट्रीट में स्थित है। इस संग्रहालय में, आप प्राचीन इतिहास और मातरम की सभ्यता के बारे में कई ऐतिहासिक कलाकृतियों और 1239 पांडुलिपियों को देख सकते हैं। इसके अलावा, चूंकि ...

गोल्डन टेंपल

एक पुराने देश होने का सबसे बड़ा लाभ विरासत और सांस्कृतिक प्रथाओं की मात्रा है जो दुनिया के बाकी हिस्सों में निर्यात किया जाएगा। अमृतसर का स्वर्ण मंदिर (अमरता का अमृत) पंजाबी का एक प्रमुख गुरुद्वारा है, जिसे सोने में इसकी उपस्थिति से इसका नाम मिला; हालांकि मंदिर का वास्तविक नाम द हरमंदिर साहिब (भगवान का एडोब) या दरबार साहिब है। यह भारत में सबसे अधिक भक्ति स्थानों में से एक है। यह हर साल सैकड़ों हजारों लोगों द्वारा दौरा किया जाता है ताकि उनकी प्रार्थना उस स्थान पर हो सके जहां पहले गुरु ने नियमित रूप से प्रार्थना की थी।